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आधुनिक विश्वकर्मा बनाये जाने का बयान वापस लें सीएम— विश्वकर्मा समाज

लखनऊ। बीते दिनों मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव द्वारा राजमिस्त्रियों को आधुनिक विश्वकर्मा बनाये जाने के बयान व उन्हें प्रमाण पत्र दिये जाने की विश्वकर्मावंशियों ने कड़ी आलोचना करते हुये मुख्यमंत्री से अपना बयान वापस लेने की मांग की है। 2 जून 2016 को प्रेस क्लब लखनऊ में ‘विश्वकर्मा जागरूकता मिशन’ के बैनर तले हुई प्रेसवार्ता में विश्वकर्मा समाज के समाजसेवियों ने मुख्यमन्त्री के बयान पर नाराजगी जतायी। समाजसेवियों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण का देवता कहा जाता है। सारे वेद-पुराण व अन्य ग्रन्थ उनके वर्णन से भरे पड़े हैं। किसी राजमिस्त्री या मजदूर वर्ग की तुलना भगवान विश्वकर्मा से करना ओछी मानसिकता की परिचायक है। एक मजदूर वर्ग के व्यक्ति को भगवान विश्वकर्मा से तुलना कर आधुनिक विश्वकर्मा नाम देना बड़ा ही हास्यास्पद है।
वक्ताओं ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में भी विश्वकर्मा एक जाति के रूप में सूचीबद्ध है, ऐसी स्थिति में किसी अन्य को आधुनिक विश्वकर्मा कहना पूरे समाज पर कुठाराघात है। मुख्यमन्त्री राजमिस्त्रियों को आधुनिकतम प्रशिक्षण दिलायें उन्हें अन्य कोई भी नाम दें, परन्तु आधुनिक विश्वकर्मा नाम देना विश्वकर्मावंशियों की आस्था और सम्मान पर चोट है। विश्वकर्मावंशी कभी इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्यमन्त्री जी को विश्वकर्मा नाम व विश्वकर्मा समाज की चिन्ता है तो प्रदेश के विश्वकर्मावंशियों को बेहतर शिक्षा और रोजगार उपलब्ध करायें, विश्वकर्मा के नाम पर पुरस्कार व अवार्ड दें, परन्तु विश्वकर्मा के नाम पर उनका अधिकार किसी अन्य को देकर पीठ पर छूरा भोंकने का काम न करें। सरकार सर्वसमाज के युवाओं को हुनरमंद करके आगे बढ़ाए, इसमें विश्वकर्मावंशियों को कोई एतराज नहीं है। परन्तु भगवान विश्वकर्मा की तुलना में किसी को आधुनिक विश्वकर्मा करार देना यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।
विश्वकर्मा समाज मुख्यमन्त्री से मांग करता है कि वह अपना दिया गया बयान वापस लें और जो भी प्राइवेट कम्पनी राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर मुख्यमन्त्री के हाथ से आधुनिक विश्वकर्मा का प्रमाणपत्र दिला रही है, उस कम्पनी के खिलाफ कार्यवाही करें।
प्रेसवार्ता में उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी अरविन्द विश्वकर्मा ने कहा कि भारत लोकतान्त्रिक देश है जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त है। भगवान विश्वकर्मा निर्माण के देवता हैं, उनके स्थान पर आधुनिक विश्वकर्मा हमारे आराध्य का अपमान है। क्योंकि हम सब उनके वास्तविक वंशज हैं और उनकी तुलना किसी से करना सम्भव नहीं।
इस मौके पर सर्वश्री दीपक शर्मा प्रदेश अध्यक्ष विश्व विकास एवं सुरक्षा दल, अरविन्द विश्वकर्मा वरिष्ठ समाजसेवी, कमलेश प्रताप विश्वकर्मा, डॉ0 वीरेन्द्र शर्मा, शिवनाथ विश्वकर्मा प्रदेश अध्यक्ष अ0भा0 विश्वकर्मा विकास परिषद, राजेन्द्र कुमार शर्मा एडवोकेट, के0एल0 शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय युवा क्रान्ति पार्टी, के0के0 विश्वकर्मा प्रदेश अध्यक्ष विश्वकर्मा डेवलेपमेन्ट सोसाइटी दिल्ली व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय युवा क्रान्ति पार्टी, सुग्रीव शर्मा, पवन कुमार शर्मा, राजेन्द्र शर्मा (अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा भाजपा लखनऊ) सुभाष चन्द्र, शशिकांत शर्मा, अजय सोनी, गजेन्द्र शर्मा, केशव विश्वकर्मा, अरविन्द विश्वकर्मा, विपिन शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
—केशव विश्वकर्मा